Theme :
Home
Granth
eBook
eSatsang
Saint
Leelaye
Temple
Yatra
Jap
Video
Shanka
Health
Pandit Ji

गायत्री मंत्र का क्या महत्व ?

इस बारे में आपका क्या द्रष्टिकोण है?

  Views :5485  Rating :4.5  Voted :2  Clarifications :11
submit to reddit  
512 days 13 hrs 54 mins ago By Ds Prasad
 

aaj bharat to kya apitu sansar me sahi sahi gayatri mantra bolane wale birale hi honge,aur mantra ka galat uchharan anarth kar deta hai,aisa praman hamare purano me hai,to ham q n radhe radhe ya ram ram ka jap(rup dhyan sahit) kare isaki patrata sab ko sab samay sab sthan me hai,jabaki gayatri mantra ke sath aisa nahi hai.

1120 days 4 hrs 25 mins ago By Mahavirsinh N Gohil
 

gaytri mantra ke jaap se ghar m pavtrata banti he

1159 days 13 hrs 13 mins ago By Aditya Bansal
 

यह शक्ति की देवी हैं। इन्हें ब्रह्मा की मानस पुत्री के रूप में जाना जाता है। भारत के पौराणिक ग्रंथों में इनकी चर्चा काफी मिलती है। वेद में इनके नाम से एक अति-शक्तिशाली मंत्र है जिसे गायत्री मंत्र कहते हैं। दिलचस्प बात है कि हजारों साल पहले रचित इस मंत्र का आज भी हिंदू धार्मिक-क्रियाओं में काफी महत्व माना जाता है।

1161 days 5 hrs 15 mins ago By Bhakti Rathore
 

gyatri mantra ka jaap pure vatabaran ko shud ker deta he pure me nae thrange aa jatti he gher me aur jeevan me

1161 days 13 hrs 35 mins ago By Gulshan Piplani
 

गायत्री मन्त्र (मन्त्र उसे कहते हैं जो मन का उद्धार करे) अपने मन की शांति हेतु ही हिन्दू संप्रदाय में इसकी अत्यंत महिमा है| हम अगर गायत्री मन्त्र का शब्दार्थ ही समझ लेंगे तो इसका महत्त्व समझ में आ जायेगा| शब्दार्थ: अवलोकन करें : ॐ - सर्वरक्षक परमात्मा, भू: प्राणों से प्यारा, भुव: दुःख विनाशक, स्व: - सुखस्वरूप है, तत् - उस, सवितु: - उत्पादक, प्रकाशक, प्रेरक, वरेण्यम् - वरने योग्य, भर्ग: - शुद्ध विज्ञानं स्वरूप का, देवस्य - देव के, धीमहि - हम ध्यान करें, धिय: - बुद्धियों को, य: - जो, न: - हमारी, प्रचोदयात् - शुभ कार्य में प्रेरित करे| अर्थात सर्वरक्षक परमात्मा जो हमें प्राणों से प्यारा है, जो दुःख विनाशक सुखस्वरूप है उस वरने योग्य उत्पादक, प्रकाशक, प्रेरक, शुद्ध विज्ञानं स्वरूप देव का हम ध्यान करें, जो हमारी बुद्धि को शुभ कार्य में प्रेरित करे| भावार्थ, काव्य शेली में अवलोकनार्थ है : तूने हमें उत्पन्न किया, पालन कर रहा है तू| तुझसे पाते प्राण , दुखियों के कष्ट हरता है तू| तेरा महान तेज है, छाया हुआ सभी जगह| सृष्टि की वस्तु-वस्तु में, तू हो रहा है विद्धमान| तेरा ही धरते ध्यान हम, मांगते तेरी दया| इश्वर हमारी बुद्धि को, श्रेष्ठ मार्ग पर चला||

1164 days 2 hrs 44 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा.... गायत्री कोई मन्त्र नहीं है, गायत्री एक प्रार्थना है।.... गायत्री साक्षात् सूर्य नारायण भगवान से सदबुद्धि प्राप्त करने हेतु प्रार्थना है जिससे जीवात्मा परमात्मा की ओर आकर्षित हो सके।.... जब तक व्यक्ति को सदबुद्धि की प्राप्ति नहीं होती है तब तक कोई भी जीवात्मा परमात्मा की ओर आकर्षित नहीं हो पाती है।.... इसलिये प्रत्येक मनुष्य को यह प्रार्थना नित्य १०८ बार (एक माला) अवश्य करनी चाहिये।

1164 days 4 hrs 13 mins ago By Waste Sam
 

radhey radhey... gyatri mantra sab mantro mein sabse mahatvapoorna manta hai, kyonki yeh sab mantro ka saar hai.. humaare sastro ke anusaar gyatri mantra teeno sandhya ke samay karne ka vidhaan hai... yeh mantra pranav(om) se nikala hai... jaise har taale ko kholane ke liye ek mukhya chabi bante hai usse prakar gyatri mantra sab mantro ka saar hai.. jai shri radhey

1164 days 10 hrs 12 mins ago By Rajender Kumar Mehra
 

स्वर विज्ञान कहता है स्वर से उर्जा मिलती है सारे मन्त्र इसी आधार पर है हर मन्त्र को जपने का उसके उच्चारण का एक विधान है उसी तरह उसका उच्चारण करने से हमारे अन्दर एक उर्जा भरती है उसका गान करने से एक तेज पैदा होता है | साथ ही उसमे अगर श्रद्धा भी गहन हो तो वो उर्जा कई गुना हो जाती है | गायत्री मन्त्र भी एक उर्जात्मक मन्त्र है जिसके उच्चारण से तन में और मन एक अध्यात्मिक उर्जा उत्पन्न होती है जो हमारे विकारों को दूर करती है और हमें उर्जावान करके हमारे अन्दर भक्ति का उदय करती है साथ साथ ये एक प्रार्थना भी है | यही इसका महत्व है | राधे राधे

1164 days 12 hrs 45 mins ago By Dasi Radhika
 

"The Gayatri Mantra is an important part of the upanayanam (sacred thread) ceremony for Brahmins, and was traditionally chanted only by Brahmin males."

1164 days 13 hrs 26 mins ago By Vipin Sharma
 

shakti mantra me nahi shradha me hoti h. isliye sabhi mantra ka ek hi prabhaav hota hai. baat sirf shradha ki hoti h

1164 days 15 hrs 29 mins ago By Diwakar Kushwaha
 

Gayatri Mantra brahmand ka Sabse Shaktishali mantra Hai Aur Siddha hai Arthaat Jaap Karne Se Turant Laabh Hona Shuru ho jata hai,Maa gayatri ke is mantra me yadi bhool vash Koi Truti bhi Ho jaye To Vipreet phal Nahi Deta,Amuk mantra Sarva kalyankaari hai.

 
Radha Blessings



Click here to know more about Radha Blessings
Popular Article
Popular Satsung
Latest Video
Popular Opinion
Latest Bhav
Spiritual Directory


Today Top Devotee [4151]

Today Opinion Topic

क्रोध को कैसे पराजित करें?

Radhakripa on Mobile

This Month Festivals

विजयादशमी (दशहरा) 03-10-2014
पापकुशा एकादशी व्रत 05-10-2014
शरद पूर्णिमा 08-10-2014
कार्तिक मास प्रारंभ 08-10-2014
करवाचौथ व्रत 11-10-2014
बहुलाष्टमी -राधाकुंड प्राकट्य 16-10-2014
रमा एकादशी व्रत 19-10-2014
धनतेरस 21-10-2014
नरक चौदस /छोटी दीवाली 22-10-2014
दीपावली 23-10-2014
गोवर्धन पूजा (अन्नकूट)24-10-2014
यम द्वितीय (भाई दोज) 25-10-2014
सूर्यषष्ठी (डाला छठ )व्रत 29-10-2014
गोपाष्टमी 31-10-2014
Guru/Gyani/Artist
Online Temple
Radha Temple
   Total #Visiters :2870
Baanke Bihari
   Total #Visiters :1108
Mahakaal Temple
   Total #Visiters :607
Laxmi Temple
   Total #Visiters :784
Goverdhan Parikrima
   Total #Visiters :1094
Animated Leelaye
Maharaas Leela
   Total #Visiters :650
Kaliya Daman Leela
   Total #Visiters :
Goverdhan Leela
   Total #Visiters :
Utsav
Radha Ashtami
   Total #Visiters :
Krishna Janmashtami
   Total #Visiters :
Diwali Utsav
   Total #Visiters :784
Braj Holi Utsav
   Total #Visiters :
Online Jap

Radha Naam Jap
   Total #Jap :1022555
   Today #Jap :
Devotee in Jap

MahaMantra Jap
   Total #Jap :480388
   Today #Jap :
Devotee in Jap

Shiv Naam Jap
   Total #Jap :
   Today #Jap :
Devotee in Jap

Laxmi Jap
   Total #Jap :56491
   Today #Jap :
Devotee in Jap

Nav Durga Jap
   Total #Jap :151463
   Today #Jap :
Devotee in Jap
eBook Collection
सभी किताबे
राधा संग्रह
ग्रन्थ
कृष्ण संग्रह
व्रज संग्रह
व्रत कथाएँ
यात्रा
Copyright © radhakripa.com, 2010. All Rights Reserved
You are free to use any content from here but you need to include radhakripa logo and provide back link to http://radhakripa.com


Name Email Address