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गायत्री मंत्र का क्या महत्व ?

इस बारे में आपका क्या द्रष्टिकोण है?

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519 days 12 hrs 4 mins ago By Ds Prasad
 

aaj bharat to kya apitu sansar me sahi sahi gayatri mantra bolane wale birale hi honge,aur mantra ka galat uchharan anarth kar deta hai,aisa praman hamare purano me hai,to ham q n radhe radhe ya ram ram ka jap(rup dhyan sahit) kare isaki patrata sab ko sab samay sab sthan me hai,jabaki gayatri mantra ke sath aisa nahi hai.

1127 days 2 hrs 34 mins ago By Mahavirsinh N Gohil
 

gaytri mantra ke jaap se ghar m pavtrata banti he

1166 days 11 hrs 22 mins ago By Aditya Bansal
 

यह शक्ति की देवी हैं। इन्हें ब्रह्मा की मानस पुत्री के रूप में जाना जाता है। भारत के पौराणिक ग्रंथों में इनकी चर्चा काफी मिलती है। वेद में इनके नाम से एक अति-शक्तिशाली मंत्र है जिसे गायत्री मंत्र कहते हैं। दिलचस्प बात है कि हजारों साल पहले रचित इस मंत्र का आज भी हिंदू धार्मिक-क्रियाओं में काफी महत्व माना जाता है।

1168 days 3 hrs 24 mins ago By Bhakti Rathore
 

gyatri mantra ka jaap pure vatabaran ko shud ker deta he pure me nae thrange aa jatti he gher me aur jeevan me

1168 days 11 hrs 45 mins ago By Gulshan Piplani
 

गायत्री मन्त्र (मन्त्र उसे कहते हैं जो मन का उद्धार करे) अपने मन की शांति हेतु ही हिन्दू संप्रदाय में इसकी अत्यंत महिमा है| हम अगर गायत्री मन्त्र का शब्दार्थ ही समझ लेंगे तो इसका महत्त्व समझ में आ जायेगा| शब्दार्थ: अवलोकन करें : ॐ - सर्वरक्षक परमात्मा, भू: प्राणों से प्यारा, भुव: दुःख विनाशक, स्व: - सुखस्वरूप है, तत् - उस, सवितु: - उत्पादक, प्रकाशक, प्रेरक, वरेण्यम् - वरने योग्य, भर्ग: - शुद्ध विज्ञानं स्वरूप का, देवस्य - देव के, धीमहि - हम ध्यान करें, धिय: - बुद्धियों को, य: - जो, न: - हमारी, प्रचोदयात् - शुभ कार्य में प्रेरित करे| अर्थात सर्वरक्षक परमात्मा जो हमें प्राणों से प्यारा है, जो दुःख विनाशक सुखस्वरूप है उस वरने योग्य उत्पादक, प्रकाशक, प्रेरक, शुद्ध विज्ञानं स्वरूप देव का हम ध्यान करें, जो हमारी बुद्धि को शुभ कार्य में प्रेरित करे| भावार्थ, काव्य शेली में अवलोकनार्थ है : तूने हमें उत्पन्न किया, पालन कर रहा है तू| तुझसे पाते प्राण , दुखियों के कष्ट हरता है तू| तेरा महान तेज है, छाया हुआ सभी जगह| सृष्टि की वस्तु-वस्तु में, तू हो रहा है विद्धमान| तेरा ही धरते ध्यान हम, मांगते तेरी दया| इश्वर हमारी बुद्धि को, श्रेष्ठ मार्ग पर चला||

1171 days 53 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा.... गायत्री कोई मन्त्र नहीं है, गायत्री एक प्रार्थना है।.... गायत्री साक्षात् सूर्य नारायण भगवान से सदबुद्धि प्राप्त करने हेतु प्रार्थना है जिससे जीवात्मा परमात्मा की ओर आकर्षित हो सके।.... जब तक व्यक्ति को सदबुद्धि की प्राप्ति नहीं होती है तब तक कोई भी जीवात्मा परमात्मा की ओर आकर्षित नहीं हो पाती है।.... इसलिये प्रत्येक मनुष्य को यह प्रार्थना नित्य १०८ बार (एक माला) अवश्य करनी चाहिये।

1171 days 2 hrs 22 mins ago By Waste Sam
 

radhey radhey... gyatri mantra sab mantro mein sabse mahatvapoorna manta hai, kyonki yeh sab mantro ka saar hai.. humaare sastro ke anusaar gyatri mantra teeno sandhya ke samay karne ka vidhaan hai... yeh mantra pranav(om) se nikala hai... jaise har taale ko kholane ke liye ek mukhya chabi bante hai usse prakar gyatri mantra sab mantro ka saar hai.. jai shri radhey

1171 days 8 hrs 21 mins ago By Rajender Kumar Mehra
 

स्वर विज्ञान कहता है स्वर से उर्जा मिलती है सारे मन्त्र इसी आधार पर है हर मन्त्र को जपने का उसके उच्चारण का एक विधान है उसी तरह उसका उच्चारण करने से हमारे अन्दर एक उर्जा भरती है उसका गान करने से एक तेज पैदा होता है | साथ ही उसमे अगर श्रद्धा भी गहन हो तो वो उर्जा कई गुना हो जाती है | गायत्री मन्त्र भी एक उर्जात्मक मन्त्र है जिसके उच्चारण से तन में और मन एक अध्यात्मिक उर्जा उत्पन्न होती है जो हमारे विकारों को दूर करती है और हमें उर्जावान करके हमारे अन्दर भक्ति का उदय करती है साथ साथ ये एक प्रार्थना भी है | यही इसका महत्व है | राधे राधे

1171 days 10 hrs 54 mins ago By Dasi Radhika
 

"The Gayatri Mantra is an important part of the upanayanam (sacred thread) ceremony for Brahmins, and was traditionally chanted only by Brahmin males."

1171 days 11 hrs 36 mins ago By Vipin Sharma
 

shakti mantra me nahi shradha me hoti h. isliye sabhi mantra ka ek hi prabhaav hota hai. baat sirf shradha ki hoti h

1171 days 13 hrs 38 mins ago By Diwakar Kushwaha
 

Gayatri Mantra brahmand ka Sabse Shaktishali mantra Hai Aur Siddha hai Arthaat Jaap Karne Se Turant Laabh Hona Shuru ho jata hai,Maa gayatri ke is mantra me yadi bhool vash Koi Truti bhi Ho jaye To Vipreet phal Nahi Deta,Amuk mantra Sarva kalyankaari hai.

 
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